Vakya Kise Kahate Hain

Vakya Kise Kahate Hain – वाक्य की परिभाषा, भेद, उदाहरण

Vakya Kise Kahate Hain: नमस्कार स्टूडेंट्स, आज हम इस आर्टिकल में vakya ke bhed टॉपिक के बारे में बात करेंगे | यह टॉपिक परीक्षा में अक्सर पूछे जाने वाला टॉपिक में से एक है| तो आइये rachna ke aadhar par vakya bhed, arth ke aadhar par vakya bhed विस्तार से पढ़ते है |

Vakya Kise Kahate Hain

वाक्य की परिभाषा: शब्दों का दो या दो से अधिक पदों के सार्थक समूह जिसका पूरा अर्थ निकलता हो, उन्हें वाक्य कहा जाता है।

उदाहरण के रूप में हम “बालक सोता रहता है” वाक्य लेते है। यहां पर शब्दों को एक निश्चित क्रम में व्यवस्थित किया गया है जो एक साथ मिलकर आपस में सार्थक समूह का निर्माण करते हैं।

वाक्य की परिभाषा – Vakya Ki Paribhasha

सार्थक शब्द या शब्दों का वह समूह जिससे वक्ता का भाव स्पष्ट हो जाए, वाक्य कहलाता है।

वाक्यांश

शब्दों के ऐसे समूह को जिसका अर्थ तो निकलता है किन्तु पूरा पूरा अर्थ नहीं निकलता, वाक्यांश कहते हैं। उदाहरण के लिए –

  • ‘दरवाजे पर’,
  • ‘कोने में’,
  • ‘वृक्ष के नीचे’

इन वाक्यो का अर्थ तो निकलता है किन्तु पूरा पूरा अर्थ नहीं निकलता इसलिये ये वाक्यांश हैं।

Vakya ke Bhedवाक्य के भेद

  • रचना के आधार पर वाक्य के भेद
  • अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद
  • क्रिया के आधार पर वाक्य के भेद

Rachna Ke Aadhar Par Vakya Bhed – रचना के आधार पर

  1. सरल वाक्य
  2. मिश्र वाक्य
  3. संयुक्त वाक्य

सरल वाक्य किसे कहते हैं

ऐसा वाक्य जिसमें एक ही क्रिया एवं एक ही कर्ता हो और उन वाक्यों का एक ही उद्देश्य हो, ऐसे वाक्य को सरल वाक्य (Saral Vakya) कहा जाता है।

सरल वाक्य को दूसरी भाषा में साधारण वाक्य के नाम से भी जाना जाता है, वाक्य में एक उद्देश्य होता है।

सरल वाक्य के उदाहरण

  • राम किताब पढ़ता है।
  • राधा दौड़ती है।
  • गंगा पढ़ाई करती है।
  • पारस खाना खाता है।

मिश्र वाक्य किसे कहते हैं

ऐसे वाक्य जिनमें सरल वाक्य के साथ साथ कोई भी दूसरा उपवाक्य शामिल हो, उन वाक्य को मिश्र वाक्य कहा जाता है। मिश्र वाक्य का निर्माण एक से अधिक साधारण वाक्य से होता है, जिनमें एक प्रधान वाक्य होता है और दूसरा वाक्य आश्रित होता है और इसी वजह से मिश्र वाक्य की पहचान भी होती है।

मिश्र वाक्य में मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक या अधिक समापिका क्रियाएं होती है। मिश्र वाक्य के निर्माण में प्रधान वाक्य और आश्रित उपवाक्य को जोड़ने के लिए बहुत सारे संयोजक अव्यय का प्रयोग होता है। जैसे:
आपस में, कि, जो, क्योंकि, जितना, उतना, जैसा, वैसा, जब, तब, जहाँ, वहाँ, जिधर, उधर, यद्यपि, यदि, अगर, तो इत्यादि।

मिश्र वाक्य के उदाहरण

  • जो औरत बाहर बैठी है, वह मेरी दादी है।
  • जो लड़की कमरे में बैठी है, वह मेरी चचेरी बहन है।
  • यदि आप मेहनत करोगे, तो परीक्षा में पास हो जाओगे।
  • मैं अच्छी तरह से जानता हूं, कि तुम्हारी हैंडराइटिंग अच्छी नहीं है।

संयुक्त वाक्य किसे कहते हैं

ऐसे वाक्य जिनमें दो या दो से अधिक उपवाक्य शामिल हो एवं सभी उपवाक्य प्रधान हो, उन वाक्य को संयुक्त वाक्य कहा जाता है।

संयुक्त वाक्य जिसमें दो या दो से अधिक सरल वाक्य या मिश्र वाक्य शामिल होते हैं। यह वाक्य एक दूसरे पर आश्रित नहीं होते हैं एवं संयोजक अव्यय इन वाक्यों को मिलाता है।

संयोजक अभियोग के रूप में बहुत सारे शब्द जैसे: और, एवं, फिर, या, अथवा, परंतु, इसलिए, तथा, तो, नहीं तो, भी, किंतु इत्यादि शब्दों का प्रयोग होता है। इन शब्दों के माध्यम से संयुक्त वाक्य का निर्माण होता है।

सयुंक्त वाक्य के उदाहरण

  • राधा बीमार थी, इसलिए स्कूल नहीं आई।
  • मैं स्कूल आया और वह घर चला गया।
  • पूनम किताब पढ़ी परंतु उसे समझ नहीं आई।
  • वह सुबह मेरे घर आया और शाम को वापस लौट गया।

इन्हे भी पढ़े: छन्द किसे कहते हैं?

Arth Ke Aadhar Par Vakya Bhedअर्थ के आधार

अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेद होते हैं

  1. विधानार्थक वाक्य
  2. संदेहार्थक वाक्य
  3. निषेधात्मक वाक्य
  4. आज्ञार्थक वाक्य
  5. प्रश्नार्थक वाक्य
  6. संकेतार्थक वाक्य
  7. इच्छार्थक वाक्य
  8. विस्मय बोधक वाक्य

विधानवाचक वाक्य किसे कहते हैं

ऐसे वाक्य जिनमें किसी भी कार्य के होने का या किसी के अस्तित्व का पता चलता है या बोध होता है, उन वाक्य को विधानवाचक वाक्य कहते हैं।

विधानवाचक वाक्य को दूसरे शब्दों में विधि वाचक वाक्य भी कहा जाता है।

विधानवाचक वाक्य के उदाहरण

  • राजस्थान मेरा राज्य है।
  • विशाल ने आम खा लिया।

निषेधवाचक वाक्य किसे कहते हैं

ऐसे वाक्य जिनमें किसी भी कार्य के निषेध का बोध होता है, उन वाक्यों को निषेधवाचक वाक्य कहा जाता है।

निषेधवाचक वाक्य के उदाहरण

  • राधा आज स्कूल नहीं जाएगी।
  • आज मैं फिल्म देखने नहीं जाऊंगा।
  • हम आज कहीं पर भी घूमने नहीं जाएंगे।

आज्ञावाचक वाक्य किसे कहते हैं

वह वाक्य जिनमें आदेश, आज्ञा या अनुमति का पता चलता हो, उन वाक्य को आज्ञा वाचक वाक्य कहा जाता है।

आज्ञावाचाक वाक्य के उदाहरण

  • कृपया वहां पर बैठ जाइए।
  • कृपया करके शांति बनाए रखें।
  • आपको अपनी मदद स्वयं करनी पड़ेगी

प्रश्नवाचक वाक्य किसे कहते हैं

ऐसे वाक्य जिनमें किसी प्रश्न का बोध हो, उन्हें प्रश्नवाचक वाक्य कहा जाता है। प्रश्नवाचक वाक्य के नाम से ही पता चलता है कि इस वाक्य में प्रश्नों का बोध होने वाला है।

इन वाक्यों के माध्यम से प्रश्न पूछकर वस्तु या किसी अन्य के बारे में जानकारी जानने की कोशिश की जाती है। इसके अलावा इन वाक्यों के पीछे (?) यह चिन्ह लगता है।

प्रश्नवाचक वाक्य के उदाहरण

  • तुम्हारा कौन सा देश है?
  • तुम कौन से गांव में रहते हो?
  • तुम्हारा नाम क्या है?
  • तुम्हारी बहन क्या काम करती है

विस्मयादिबोधक वाक्य किसे कहते हैं

जिन वाक्य में आश्चर्य, घृणा, अत्यधिक, खुशी, शौक का बोध होता हो, उन वाक्य को विस्मयादिबोधक वाक्य कहा जाता है। इसके अलावा इन वाक्यों में विस्मय शब्द होते हैं और इन शब्दों के पीछे (!) विस्मयसूचक लगता है और इसी से इन वाक्य की पहचान बनती है। मतलब यह है कि इसी सूचक चिन्ह के आधार पर इन वाक्यों को आसानी से पहचाना जाता है।

विस्मयादिबोधक वाक्य के उदाहरण

  • ओह! आज दिन कितना ठंडा है।
  • बल्ले बल्ले! हमें जीत मिल गई।
  • अरे! तुम यहां कब पहुंचे।

इच्छावाचक वाक्य किसे कहते हैं

वे वाक्य जिसमें हमें वक्ता की कोई इच्छा, आकांक्षा, आशीर्वाद, कामना इत्यादि का पता चलता है, उन वाक्य को इच्छा वाचक वाक्य कहते हैं।

इच्छावाचक वाक्य के उदाहरण

  • सदा खुश रहो।
  • दीपावली की आपके परिवार को शुभकामनाएं।
  • तुम्हारा कल्याण हो।

संदेहवाचक वाक्य किसे कहते हैं

जिन वाक्य में किसी भी प्रकार की संभावना और सदेंह का बोध होता हो, उन वाक्य को संदेहवाचक वाक्य कहा जाता है।

संदेहवाचक वाक्य के उदाहरण

  • लगता है राम अब ठीक हो गया है।
  • शायद आज बारिश हो सकती है।
  • शायद मेरा भाई इस काम के लिए मान गया है।

संकेतवाचक वाक्य किसे कहते हैं

वह वाक्य जिनमें एक क्रिया या दूसरी क्रिया पर पूरी तरह से निर्भर हो, उन वाक्य को संकेतवाचक वाक्य कहा जाता है।

इन्हे भी पढ़े: शब्दार्थ किसे कहते हैं?

संकेतवाचक वाक्य के उदाहरण

  • अच्छे से प्रैक्टिस करते,तो मैडल मिल जाता।
  • अच्छी तैयारी की होती, तो सिलेक्शन हो जाता।
  • कार को धीरे चलाते, तो पेट्रोल खत्म नहीं होता।

Kriya Ke Aadhar Par Vakya Bhed- क्रिया के आधार

  1. कर्तृ वाच्य
  2. कर्म वाच्य
  3. भाव वाच्य

कर्तृ वाच्य किसे कहते हैं

जब किसी वाक्य में प्रयुक्त क्रिया के लिंग एवं वचन का निर्धारण वाक्य में प्रयुक्त कर्ता के अनुसार हो तो उसे कर्तृ वाच्य कहते हैं, अर्थात वाक्य में प्रयुक्त कर्ता के लिंग एवं वचन में परिवर्तन करते ही यदि वाक्य में प्रयुक्त क्रिया के लिंग एवं वचन में भी परिवर्तन हो जाए तो वह कर्तृ वाच्य होता है। कर्तृ वाच्य में क्रिया सकर्मक एवं अकर्मक हो सकती है।

कर्तृ वाच्य के उदाहरण

  • राम पुस्तक पढ़ता है।
  • सीता पुस्तक पढ़ती है।
  • तुम पुस्तक पढ़ते हो।

कर्म वाच्य किसे कहते हैं

जब किसी वाक्य में प्रयुक्त क्रिया के लिंग एवं वचन का निर्धारण वाक्य में प्रयुक्त कर्म के अनुसार हो तो उसे कर्म वाच्य कहते हैं, अर्थात वाक्य में प्रयुक्त कर्म के लिंग एवं वचन में परिवर्तन करते ही यदि वाक्य में प्रयुक्त क्रिया के लिंग एवं वचन में भी परिवर्तन हो जाए तो वह कर्म वाच्य होता है। कर्म वाच्य में क्रिया सदैव सकर्मक ही होती है।

कर्म वाच्य के उदाहरण

  • राम के द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है।
  • राम के द्वारा पुस्तकें पढ़ी जाती हैं।
  • शंकर के द्वारा हमें हिंदी पढ़ाई जाती है।

भाव वाच्य किसे कहते हैं

यदि किसी वाक्य में क्रिया के लिंग एवं वचन का परिवर्तन कर्ता एवं कर्म दोनों के ही अनुसार नहीं हो तो उसे भाव वाच्य कहते हैं। भाव वाच्य में क्रिया सदैव अकर्मक क्रिया होती है। क्रिया का वचन एकवचन एवं लिंग सदैव पुल्लिंग होता है।

भाव वाच्य के उदाहरण

  • राम से दौड़ा नहीं जाता है।
  • बच्चे से भागा नहीं गया।

इन्हे भी पढ़े: समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण

Credit: Alpana Verma

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